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उत्कृष्ट कार्य

बलरामपुर ज़िले में, खेती के पारंपरिक तरीकों और केमिकल खाद के इस्तेमाल से प्रोडक्शन कॉस्ट ज़्यादा हो रही थी और मिट्टी खराब हो रही थी। डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर ऑफिसर ने ‘सुनहरा कल’ पहल के लिए ITC के साथ मिलकर ज़ीरो टिलेज और डायरेक्ट सोइंग जैसी टेक्नीक शुरू कीं। इससे लागत में कमी आई, प्रोडक्टिविटी बढ़ी और पर्यावरण पर बुरा असर भी कम हुआ। यह प्रोग्राम 400 एकड़ ज़मीन पर 300 से ज़्यादा किसानों तक फैला।

Kisan

बलरामपुर के लोग अपनी रोज़ी-रोटी के लिए खेती पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें गुज़ारा करने में मुश्किल हो रही थी। 2015 में, बलरामपुर के कृषि विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने मिट्टी के सैंपल लेने के लिए गांवों का दौरा किया। जांच करने पर, उन्होंने पाया कि हानिकारक कीटनाशकों और रासायनिक खादों के ज़्यादा इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता कम हो रही थी। वैज्ञानिकों ने किसानों को इस समस्या के बारे में बताने के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड दिए और खेती की नई तकनीकें भी बताईं। इससे किसानों को आर्थिक रूप से फिर से मज़बूत होने में मदद मिली।

Soil Health card

बलरामपुर में, बाढ़ से प्रभावित 66 परिवारों को टेंगनाहिया मनकोट गांव में फिर से बसाने के लिए लॉटरी सिस्टम से मुफ्त रिहायशी ज़मीन दी गई। यह कार्यक्रम कल्याणपुर गांव में बलरामपुर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डॉ. महेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुआ। कल्याणपुर गांव के 66 परिवारों के लिए टेंगनिया मनकोट में बन रही शहरी आवास कॉलोनी को अलग-अलग विभागों की 16 तरह की सरकारी योजनाओं के तहत कवर किया जाएगा। इस मौके पर बलरामपुर सदर के विधायक पलटूराम ने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, बाढ़ से विस्थापित कल्याणपुर गांव के 66 परिवारों को इस शहरी आवास कॉलोनी से फायदा होने वाला है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कल्याणपुर गांव के लोगों को टेगनाहिया मनकोट गांव में फिर से बसाने के लिए ₹3 करोड़ मंज़ूर किए हैं। इस रकम से 66 परिवारों के लिए एक रिहायशी कॉलोनी बनाई जा रही है। इन 66 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जाएंगे। इसके अलावा, 16 अलग-अलग विभागों के तालमेल से बिजली, पीने का पानी, इंटरलॉकिंग पेविंग, गौशाला, बच्चों का पार्क, सोलर लाइट, कचरा इकट्ठा करने के लिए कम्पोस्ट गड्ढे, कम्युनिटी हॉल और रिहायशी इलाके के चारों ओर ड्रेनेज जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

Villa CityVilla City

जनपद बलरामपुर हिमालय की उपत्यका में बसा हुआ जनपद है। इस जनपद में राप्ती नदी की बाढ़ से लगभग एक तिहाई इलाका प्रतिवर्ष प्रभावित हो रहा है। इसी नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में से एक जनपद बलरामपुर के विकास खण्ड बलरामपुर, ग्राम पंचायत-झौहना के राजस्व ग्राम कल्याणपुर भी प्रभावित रहा। यहां बसे हुए 66 परिवार के मकान व आबादी का इलाका पूरी तरह बाढ़ में समाहित हो गया। तत्पश्चात् जनपद प्रशासन बलरामपुर के प्रयास से कल्याणपुर से लगभग 3 किमी0 दूर उसी विकास खण्ड की ग्राम पंचायत टेंगनहिया मानकोट में 0.9890 हेक्टयर की भूमि शासन से अनुमोदनोपरान्त मु0 72.70 लाख की लागत से क्रय करते हुए इन 66 विस्थापित परिवारों को भूमि आवंटित करते हुए उन्हें मा0 मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत लाभान्वित कराकर आवास निर्माण कराते हुए एक कालोनी विकसित की गई। जिसका नाम मा0 पाटेश्वरी विला सिटी रखा गया है। इस कालोनी में जिलाधिकारी, बलरामपुर द्वारा क्रिटिकल गैप्स से मु0 12.09 लाख की धनराशि व विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि से मु0 8.00 लाख कुल  मु0 20.09 लाख की लागत से लगभग 542 मी0 वाउन्ड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। इस कालोनी परिसर में आन्तरिक आवागमन के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना और क्षेत्र पंचायत निधि बलरामपुर के सहयोग से मु0 33.50 लाख की लागत से 495 मी0 आन्तरिक सी0सी0 रोड का निर्माण कराया गया है। इस परिसर में विधान मण्डल क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत मा० विधायक सदर बलरामपुर के सहयोग से एक हाईमास्ट लाइट भी स्थापित किया गया है| परिसर में जल निकासी की उद्देश्य से जिला पंचायत बलरामपुर के सहयोग से मु0 18.67 लाख की लागत से 680 मी0 नाली का निर्माण भी कराया गया है। इस परिसर में मनरेगा योजना के अन्तर्गत मु0 9.94 लाख की लागत से मनरेगा पार्क जिसमें सी0एस0आर0 फण्ड से बच्चों के खेलने का उपकरण भी लगाया गया है। इस परिसर में स्वयं सहायता समूह की दीदियों की आर्थिक क्रियाक्लाप के लिए मनरेगा योजनान्तर्गत मु0 6.99 लाख की लागत से एक सामुदायिक शेड का भी निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास के लाभार्थियों को मनरेगा योजनान्तर्गत व्यक्तिगत् पशु शेड का निर्माण कराते हुए उन्हें पंचायती राज विभाग के सहयोग से व्यक्तिगत् स्वच्छ शौचालय, जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत सभी घरों में पाइप पेयजल कनेक्शन एवं विद्युत विभाग के सहयोग से सभी घरो में विद्युत कनेक्शन की सुविधा प्रदान की गई है।

इससे जहां इन परिवारों को बाढ़ की विभाषिका से छुटकारा प्राप्त हुआ। वहीं पशुओं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई व शारीरिक विकास तथा महिलाओं को एक साथ बैठकर आर्थिक स्तर को सुधारने का एक अवसर प्राप्त हुआ है।

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