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सुरक्षित इन्टरनेट दिवस

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  • सेफर इंटरनेट डे हर वर्ष फ़रवरी के दूसरे मंगलवार को विश्वभर में मनाया जाता है।
  • इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट और एआई के सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग के प्रति संवेदनशील बनाना है।
  • साइबर हाइजीन (Cyber Hygiene) के सर्वोत्तम अभ्यासों को बढ़ावा देना।
  • प्रमुख साइबर खतरों और उनके निवारण तकनीकों के बारे में शिक्षित करना।
  • MeitY द्वारा 10 फ़रवरी 2026 को ISEA परियोजना के अंतर्गत, NIC एवं अन्य एजेंसियों के सहयोग से राष्ट्रव्यापी स्तर पर जागरूकता अभियान आयोजित किया जा रहा है।
  • यह AI Impact Summit 2026 (15–20 फ़रवरी, नई दिल्ली) से पूर्व एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम है।

Common Cyber Threats

फिशिंग (Phishing)

फिशिंग (SMS/ईमेल/व्हाट्सएप)

  • क्या है: ऐसे फर्जी मैसेज जो दिखने में असली (ऑफिशियल) लगते हैं और आपको लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं।

  • लक्ष्य: आपके पासवर्ड, कार्ड डिटेल्स और बैंकिंग लॉगिन की जानकारी चुराना।

  • पहचान के संकेत: मैसेज में घबराहट पैदा करने वाली भाषा (जैसे “अकाउंट बंद हो जाएगा”), अनजान लिंक और वर्तनी (स्पेलिंग) की गलतियाँ।

  • सुरक्षित कदम: आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर जानकारी की पुष्टि करें; कभी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

 

फिशिंग वेबसाइटों के उदाहरण 

 

फिशिंग वीडियो

(फर्जी वीडियो और वीडियो कॉल के जरिए धोखाधड़ी)

 

 

OTP / UPI फ्रॉड (धोखाधड़ी)

  • क्या है: जालसाज पीड़ितों को बहला-फुसलाकर उनका OTP या UPI PIN जानने की कोशिश करते हैं।

  • तरीका: वे अक्सर रिफंड (पैसा वापस मिलने) या इनाम जीतने का लालच देकर आपको पेमेंट रिक्वेस्ट ‘Accept’ करने को कहते हैं।

  • सबसे जरूरी नियम: अपना OTP या UPI PIN कभी भी किसी के साथ साझा न करें, चाहे वह खुद को बैंक अधिकारी ही क्यों न बताए।

  • याद रखें: पैसे प्राप्त करने (Receiving) के लिए आपको कभी भी UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती है। PIN की जरूरत केवल पैसे भेजने के लिए होती है।

 

निवेश धोखाधड़ी (Investment Frauds)

निवेश धोखाधड़ी में लोगों को कम जोखिम या बिना किसी जोखिम के भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी या भ्रामक अवसरों में निवेश करने के लिए फंसाया जाता है।

  • पोंजी स्कीम (Ponzi Schemes): जालसाज नए निवेशकों से मिले पैसे का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को भुगतान करने के लिए करते हैं, जिससे मुनाफे का भ्रम पैदा होता है। अंततः, जब नए निवेशक मिलना बंद हो जाते हैं, तो यह योजना पूरी तरह ढह जाती है।

  • क्रिप्टोकरेंसी स्कैम (Crypto Scams): फर्जी क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स भारी रिटर्न का वादा करते हैं, लेकिन निवेशकों का पैसा लेकर गायब हो जाते हैं।

  • फर्जी रियल एस्टेट निवेश (Fake Real Estate Investments): धोखेबाज ऐसी संपत्तियां बेचते हैं जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं होता या वे किराए से होने वाली अवास्तविक आय का वादा करते हैं।

फेक कस्टमर केयर स्कैम (Fake Customer Care Scam)

     गूगल और सोशल मीडिया पर फर्जी हेल्पलाइन नंबरों के जरिए               धोखाधड़ी

  • क्या है: स्कैमर्स गूगल सर्च, सोशल मीडिया या फर्जी विज्ञापनों पर नकली कस्टमर केयर नंबर डाल देते हैं। जब आप मदद के लिए इन नंबरों पर कॉल करते हैं, तो वे असली अधिकारी बनकर बात करते हैं।

  • वे क्या करते हैं: वे आपसे कोई ऐप इंस्टॉल करने, स्क्रीन शेयर करने या छोटी सी फीस के नाम पर लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं।

  • सावधानी: सपोर्ट के लिए कभी भी रिमोट एक्सेस ऐप्स (जैसे AnyDesk या TeamViewer) इंस्टॉल न करें। स्कैमर्स इनका उपयोग आपके फोन को कंट्रोल करने के लिए करते हैं।

  • सुरक्षित कदम: कस्टमर केयर नंबर हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक (Official) वेबसाइट या ऐप से ही लें। गूगल सर्च पर आने वाले हर नंबर पर भरोसा न करें।

 

 

मालवेयर / स्पायवेयर (Malware / Spyware)

खतरनाक ऐप्स और फाइलें जो आपके फोन या लैपटॉप से डेटा चुराते हैं।

  • क्या है: ये ऐसे नुकसानदेह प्रोग्राम होते हैं जो आपकी जानकारी के बिना आपके डिवाइस में घुस जाते हैं।

  • सामान्य स्रोत (कहाँ से आते हैं): अनजान APK फाइलें, क्रैक्ड (फ्री/पायरेटेड) ऐप्स और संदिग्ध लिंक।

  • प्रभाव (नुकसान): बैंक खाते से चोरी, कैमरा या माइक्रोफोन के जरिए जासूसी और निजी डेटा का लीक होना।

  • सुरक्षित कदम: ऐप्स को केवल Play Store या App Store जैसे आधिकारिक स्टोर से ही इंस्टॉल करें।

 

 

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